google-site-verification: googlec54213cf79dac358.html google-site-verification: googlec54213cf79dac358.html google-site-verification: googlec54213cf79dac358.html UP Politics: मायावती का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोलीं- मुस्लिमों का सपा से मोहभंग, बसपा की ओर बढ़ रहा रुझान

UP Politics: मायावती का अखिलेश यादव पर बड़ा हमला, बोलीं- मुस्लिमों का सपा से मोहभंग, बसपा की ओर बढ़ रहा रुझान

जागरण प्रभात। उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। मायावती ने दावा किया कि पिछले चुनावों में सपा के पक्ष में एकतरफा मतदान करने वाले मुस्लिम समुदाय का रुझान अब तेजी से बसपा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इसकी तुलना ब्राह्मण समाज के बसपा की ओर रुख से की।

मायावती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कई पोस्ट के जरिए सपा के 'PDA' अभियान और उसके प्रचारित 'PDA रथ' को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के रथ में पार्टी के पारंपरिक लाल रंग की तुलना में भगवा रंग अधिक दिखाई दे रहा है। मायावती ने भगवा रंग को भाजपा और आरएसएस से जोड़ते हुए सवाल किया कि क्या यह चुनावी रणनीति का हिस्सा है या सपा का मुस्लिम मतदाताओं पर पहले जैसा भरोसा नहीं रहा।

'PDA रथ' के रंग को लेकर अखिलेश पर निशाना

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए प्रचारित किया जा रहा सपा का 'PDA रथ' पार्टी के लाल रंग से कम और भाजपा-आरएसएस से जुड़े भगवा रंग से अधिक रंगा हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने इस बदलाव को लेकर सपा की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े किए।मायावती ने यह भी पूछा कि क्या सपा चुनावी लाभ के लिए लगातार अपना राजनीतिक रंग और रुख बदल रही है या फिर पार्टी नेतृत्व को मुस्लिम मतदाताओं से मिलने वाले समर्थन को लेकर भरोसा कम हुआ है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सपा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने अभियान को आगे बढ़ा रही है।

मुस्लिम मतदाताओं को लेकर मायावती का बड़ा दावा

बसपा प्रमुख ने अपने बयान में मुस्लिम मतदाताओं के बीच सपा के प्रति कथित बदलाव को लेकर बड़ा दावा किया। उनका कहना है कि पिछले कई चुनावों में मुस्लिम समुदाय के एक बड़े हिस्से ने सपा का समर्थन किया, लेकिन इसके बावजूद उत्तर प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकारें बनीं। मायावती ने इसी आधार पर सवाल उठाया कि यदि किसी पार्टी को वोट देने के बाद अपेक्षित राजनीतिक परिणाम नहीं मिलते हैं तो मतदाता बार-बार उसी पार्टी को वोट क्यों दें। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से मुस्लिम समाज का एक हिस्सा अब बसपा की तरफ तेजी से रुख कर रहा है। हालांकि, यह मायावती का राजनीतिक दावा है और इससे पूरे मुस्लिम समुदाय की वर्तमान मतदान प्राथमिकता के बारे में स्वतंत्र निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

'PDA' के अर्थ पर भी मायावती ने उठाए सवाल

मायावती ने समाजवादी पार्टी के 'PDA' नारे को भी निशाने पर लिया। सपा की राजनीति में PDA का इस्तेमाल पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समूहों के संदर्भ में किया जाता रहा है। मायावती ने आरोप लगाया कि चुनावी परिस्थितियों के अनुसार इस संक्षिप्त नाम की व्याख्या बदलती रही है।उन्होंने सपा से जनता को यह स्पष्ट करने को कहा कि उसके PDA नारे का वास्तविक राजनीतिक और सामाजिक आधार क्या है। मायावती ने दावा किया कि कभी इसमें 'पिछड़ा-दलित' तो कभी 'पंडित' जैसे अर्थों को सामने रखा गया।

अखिलेश के 'अंबेडकरवादी' दावे पर भी हमला

बसपा प्रमुख ने अखिलेश यादव पर डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम और विचारधारा को लेकर भी निशाना साधा। मायावती ने आरोप लगाया कि खुद को आंबेडकरवादी दिखाने के लिए सपा नेतृत्व ने बसपा से जुड़े नीले रंग के कपड़ों में तस्वीरें खिंचवाईं, लेकिन जनता ने इसे स्वीकार नहीं किया। मायावती ने इसे लेकर 'फर्जी आंबेडकरवादी' जैसी टिप्पणी भी की। यह उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा है और सपा की ओर से इस पर अलग प्रतिक्रिया आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' पर बसपा का जोर

मायावती ने अपने बयान में बसपा की राजनीतिक विचारधारा को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि बसपा आंबेडकरवादी सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है और 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की नीति के तहत समाज के सभी वर्गों के हित और कल्याण की बात करती है। उन्होंने रोटी, रोजगार, आत्मसम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने को लेकर बसपा की प्रतिबद्धता दोहराई। मायावती ने कहा कि सर्वसमाज के हित और कल्याण के लिए उत्तर प्रदेश को बसपा की जरूरत है।

यूपी की सियासत में तेज हो रही बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। इसी क्रम में सपा का PDA अभियान भी चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अखिलेश यादव 24 सितंबर को PDA रथ के जरिए अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करने की तैयारी में हैं। ऐसे समय में मायावती का ताजा बयान बसपा, सपा और भाजपा के बीच उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में सामाजिक समीकरणों को लेकर चल रही बहस को सामने लाता है। मायावती ने जहां मुस्लिम मतदाताओं के बसपा की ओर आने का दावा किया है, वहीं PDA रथ के रंग और सपा की सामाजिक-राजनीतिक रणनीति पर भी सवाल खड़े किए हैं।


Post a Comment

0 Comments