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Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 17 की मौत और 35 घायल

जागरण प्रभात। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ ने उत्सव के माहौल को गहरे शोक में बदल दिया। उत्तर कोलकाता के चोरबागान स्थित सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई इस घटना में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 35 लोग घायल हुए। घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए।

कहां और कैसे हुई भगदड़?

जानकारी के अनुसार, यह घटना उत्तर कोलकाता में चित्तरंजन एवेन्यू के पास चोरबागान के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई। उस समय पंडाल के बाहर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ मौजूद थी। इसी दौरान बारिश शुरू होने और आगे बढ़ने की कोशिश में भीड़ के बीच अफरा-तफरी मच गई। बताया गया कि पूजा आयोजकों की ओर से की गई एक घोषणा के बाद श्रद्धालुओं में आगे बढ़ने की होड़ लग गई। बारिश के बीच भीड़ अचानक आगे बढ़ी, जिससे कुछ लोग सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, घटना की परिस्थितियों और भीड़ प्रबंधन में संभावित चूक से जुड़े सभी पहलुओं की आधिकारिक जांच के निष्कर्षों की पुष्टि होना बाकी है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी दी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 लोगों को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया, जबकि 35 लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद घायलों के उपचार और राहत कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया। अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस हादसे ने दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजन में भीड़ को नियंत्रित करने, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा आपातकालीन तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे

घटना की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे। दोनों ने घायलों का हालचाल जाना और स्थिति की जानकारी ली। पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री सरदवत मुखर्जी समेत वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। घटनास्थल पर आपदा प्रबंधन कर्मियों को तैनात किया गया, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके। प्रशासन के सामने घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और घटना के कारणों का पता लगाने की चुनौती है।

ममता बनर्जी ने जताया दुख

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की खबर पर गहरा दुख जताया। उन्होंने इस घटना पर स्तब्धता व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। ममता बनर्जी ने कहा कि वह मां दुर्गा से प्रार्थना करती हैं कि सभी घायल लोग जल्द स्वस्थ हो जाएं और इस कठिन समय में उनके परिवारों को शक्ति और साहस मिले।

दुर्गा पूजा आयोजनों में सुरक्षा पर उठे सवाल

कोलकाता की इस घटना ने बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की अहमियत को फिर सामने ला दिया है। ऐसे आयोजनों में पर्याप्त प्रवेश और निकास मार्ग, भीड़ की आवाजाही पर निगरानी, बारिश जैसी परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है। चोरबागान पंडाल में हुई घटना के बाद यह जानना जरूरी होगा कि भीड़ अचानक क्यों बढ़ी, लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए क्या इंतजाम थे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।


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