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Kolkata Durga Puja Stampede: 19 मौतों के बाद चोरबागान पूजा पंडाल को मिले पुरस्कार


जागरण प्रभात। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार शाम सप्तमी के दौरान हुई इस दर्दनाक घटना में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पूजा पंडाल को मिले पुरस्कारों पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या जन सुरक्षा से ज्यादा महत्व सजावट और दिखावे को दिया गया था?

चोरबागान पूजा पंडाल को मिले कई बड़े पुरस्कार

चोरबागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति को सूचना एवं संस्कृति मामलों के विभाग ने कोलकाता नगर निगम के सहयोग से 'सेरार सेरा-3' यानी 'सर्वश्रेष्ठ में सर्वश्रेष्ठ' देवी दुर्गा सम्मान 2026 से सम्मानित किया था। इसके अलावा पंडाल को सर्वश्रेष्ठ रोशनी, सर्वश्रेष्ठ पंडाल और सर्वश्रेष्ठ पर्यावरण-अनुकूल पूजा के पुरस्कार भी मिले थे। भगदड़ के बाद इन्हीं सम्मानों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से पुरस्कारों के मूल्यांकन और आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच कथित विरोधाभास पर सवाल उठाए।

TMC ने पूछा—सुरक्षा से ज्यादा दिखावे को प्राथमिकता क्यों?

तृणमूल कांग्रेस ने सवाल किया कि जब किसी पूजा पंडाल को रोशनी और सजावट के लिए सर्वोच्च सम्मान दिया जाता है, तो वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी होती है? पार्टी ने यह भी पूछा कि यदि किसी आयोजन में भीड़ प्रबंधन और जन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं, तो पुरस्कार देने वाली व्यवस्था और आयोजकों की जवाबदेही कैसे तय की जाएगी। इस विवाद के केंद्र में अब केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों, पर्याप्त रोशनी और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था भी आ गई है।

मुख्यमंत्री की अपील के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

हादसे के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने थीम आधारित दुर्गा पूजा आयोजित करने वाले आयोजकों से पंडालों में पर्याप्त रोशनी रखने और आगंतुकों के लिए प्रवेश तथा निकास के पर्याप्त द्वार बनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि थीम पूजा के नाम पर कई पंडालों में कम रोशनी रखी जाती है। साथ ही आयोजकों से प्रशासनिक अधिकारियों की सलाह का पालन करने को कहा था। इस बीच, राज्यभर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने रविवार को कोलकाता के कई सामुदायिक पूजा स्थलों का दौरा किया। समिति में आपदा प्रबंधन सचिव राजेश कुमार सिंह, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा और विशेष कार्य बल (STF) के महानिदेशक जावेद शमीम शामिल हैं।

संकरी गलियों और भीड़ को बताया गया हादसे का कारण

चोरबागान के स्थानीय निवासियों के अनुसार, अचानक हुई बारिश, संकरी गली, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों तथा पुलिसकर्मियों की कथित तौर पर अपर्याप्त तैनाती ने स्थिति को गंभीर बना दिया था। हालांकि, भगदड़ के सभी कारणों और जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।




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