google-site-verification: googlec54213cf79dac358.html google-site-verification: googlec54213cf79dac358.html google-site-verification: googlec54213cf79dac358.html Tejashwi Yadav Detained: तेजस्वी यादव बोले- जेल जाने से नहीं डरते; छात्रों को न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन

Tejashwi Yadav Detained: तेजस्वी यादव बोले- जेल जाने से नहीं डरते; छात्रों को न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन

जागरण प्रभात। बिहार में छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का लोकभवन मार्च बुधवार को पटना में जोरदार राजनीतिक टकराव में बदल गया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकले मार्च को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और इसके बाद तेजस्वी यादव, सांसद मीसा भारती समेत कई राजद नेताओं को हिरासत में लिया गया।

हिरासत में लिए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि वे जेल जाने से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राजद छात्रों और युवाओं को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन कर रहा है और सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

तेजस्वी यादव बोले- छात्रों को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई जारी रहेगी


तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बिहार में परीक्षा व्यवस्था और रोजगार को लेकर युवाओं में असंतोष है। उन्होंने कहा कि बिहार में पेपर लीक और भर्ती से जुड़े सवालों के कारण छात्रों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। तेजस्वी ने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

सीवान की घटना और छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े विवाद के बीच राजद ने पटना में यह मार्च निकाला था। इससे पहले तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त के लोकभवन मार्च का ऐलान करते हुए छात्रों की मांगों के समर्थन में आंदोलन जारी रखने की बात कही थी।

मीसा भारती ने कहा- छात्रों को मिलना चाहिए न्याय

राजद सांसद मीसा भारती ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने सीवान की घटना में प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की। मीसा भारती ने कहा कि आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बावजूद राजद कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी छात्रों और युवाओं की मांगों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी।

बैरिकेडिंग के बाद वाटर कैनन, कई नेता हिरासत में

पटना में मार्च जेपी गोलंबर की ओर से आगे बढ़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों के बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, तेजस्वी यादव को बाद में पुलिस हिरासत से रिहा भी कर दिया गया। रिहाई के बाद उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया।

प्रदर्शन में ये नेता रहे शामिल

राजद के इस मार्च में प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, उदयनारायण चौधरी, अब्दुल बारी सिद्दीकी, मीसा भारती, अभय कुशवाहा, सुरेंद्र यादव, सुधाकर सिंह, मनोज कुमार झा, संजय यादव, जयप्रकाश यादव, फैसल अली, भोला यादव, बीनू यादव, रणविजय साहू, रामानंद यादव, शैलेंद्र प्रताप, आलोक मेहता, डॉ. मो. शमी, इसराइल मंसूरी, शिवचंद्र राम, ललित यादव, अवध बिहारी चौधरी, सुरेश पासवान, डॉ. तनवीर हसन, अशोक कुमार सिंह, ओसामा शहाब, गौतम कृष्णा, डॉ. सुनील सिंह, कार्तिक कुमार सिंह, कारी मो. शोहेब, डॉ. उर्मिला ठाकुर, मुन्नी रजक, अशोक पांडे, सोनू राय, भाई वीरेंद्र, शक्ति यादव, एजाज अहमद समेत कई नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।

राजद की छह सूत्री मांगें क्या हैं?

राजद ने छात्र और युवा मुद्दों को लेकर सरकार के सामने छह प्रमुख मांगें रखी हैं।

1. सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग के आदेश और पूरे मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। 

2. गर्दनीबाग में धरने पर बैठे छात्रों और युवाओं की मांगों पर तत्काल विचार किया जाए।

3. परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के निपटारे के लिए स्वतंत्र शिकायत निवारण तंत्र बनाया जाए।

4. सरकारी विभागों में खाली पदों का विवरण सार्वजनिक कर भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए और निर्धारित समय में नियुक्तियां पूरी की जाएं।

5. विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी दूर कर अकादमिक कैलेंडर का पालन सुनिश्चित किया जाए।

6. सरकारी विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों, कक्षाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर की जाए।

बिहार में छात्र मुद्दे पर बढ़ी राजनीतिक हलचल

सीवान की घटना के बाद छात्र, परीक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे बिहार की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। इसी बीच राज्य सरकार ने 17 वरिष्ठ IPS अधिकारियों का तबादला भी किया, जिसमें सीवान और भोजपुर के पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं। राजद इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। वहीं, मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।

Post a Comment

0 Comments