जागरण प्रभात। हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज के पास यमुना नदी में सेना के प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा हो गया। मंगलवार, 1 सितंबर को संयुक्त जल प्रशिक्षण के दौरान सेना की नाव तेज बहाव की चपेट में आकर बैराज के नीचे की ओर बहने लगी। नाव को वापस निकालने की कोशिश के दौरान वह स्लुइस गेट के आसपास बने तेज भंवर में फंस गई और पलट गई। हादसे के बाद दो जवान लापता बताए जा रहे हैं। सेना ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों को खोजने और सुरक्षित बाहर निकालने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
तेज बहाव और भंवर में फंसी नाव
सेना की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 1 सितंबर को हथिनीकुंड बैराज में संयुक्त जल प्रशिक्षण चल रहा था। इसी दौरान नाव यमुना के तेज बहाव की चपेट में आ गई और बहते हुए बैराज के डाउनस्ट्रीम हिस्से की ओर जाने लगी। प्रशिक्षण दल ने तत्काल नाव को वापस सुरक्षित स्थान पर लाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति उस समय और चुनौतीपूर्ण हो गई जब नाव जल निकासी द्वार यानी स्लुइस गेट के आसपास बने तेज भंवर में फंस गई। इसके बाद नाव पलट गई और उसमें सवार जवान तेज बहाव में बह गए।
दो जवानों का अब तक नहीं मिला सुराग
हादसे के बाद चालक दल के कुछ सदस्य सुरक्षित निकलने में सफल रहे, लेकिन दो जवान अभी लापता हैं। सेना के अनुसार उनकी तलाश के लिए हर संभव संसाधन का इस्तेमाल किया जा रहा है। शुरुआती रिपोर्टों में लापता जवानों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई थी, लेकिन बुधवार को सेना की ओर से जारी अपडेट में दो जवानों के लापता होने की पुष्टि की गई है।
सेना, वायुसेना और पुलिस की संयुक्त टीम जुटी
लापता जवानों को खोजने के लिए बड़े स्तर पर सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अभियान में भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना, स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन की टीमें शामिल हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि तेज बहाव वाले इलाके और उसके आगे के हिस्से में जवानों का जल्द पता लगाया जा सके। रिपोर्टों के अनुसार, तलाशी अभियान में आपदा राहत दलों को भी लगाया गया है और डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में भी खोज का दायरा बढ़ाया गया है।
रात से जारी है तलाश, तेज बहाव बनी बड़ी चुनौती
हथिनीकुंड बैराज के आसपास यमुना का बहाव हादसे के बाद राहत एवं बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। नाव के भंवर में फंसने और पलटने के बाद जवान पानी के तेज प्रवाह में बह गए थे। ऐसे में रेस्क्यू टीमों को बैराज के आसपास के साथ-साथ डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में भी तलाश करनी पड़ रही है। ताजा स्थिति: बुधवार तक दोनों लापता जवानों का पता नहीं चल सका था और सर्च ऑपरेशन जारी था।
क्या हुआ था हथिनीकुंड बैराज में?
1. घटना को आसान भाषा में समझें तो पूरा घटनाक्रम इस तरह है।
2. हथिनीकुंड बैराज में संयुक्त जल प्रशिक्षण चल रहा था।
3. प्रशिक्षण के दौरान सेना की नाव तेज पानी के बहाव में फंस गई।
4. नाव को वापस निकालने की कोशिश की गई।
5. नाव स्लुइस गेट के आसपास बने तेज भंवर में फंस गई।
6. नाव पलटने के बाद जवान तेज बहाव में बह गए।
7. दो जवानों के लापता होने के बाद बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
8. सेना, वायुसेना, पुलिस और नागरिक प्रशासन की टीमें तलाश में जुटी हैं।
सेना ने क्या कहा?
सेना की ओर से बुधवार को बताया गया कि लापता जवानों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सेना ने कहा कि संयुक्त खोज एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

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