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Bihar Teacher Pension: पंचायत शिक्षकों की पेंशन-ग्रेच्युटी पर पटना हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, सरकार से जवाब तलब, 15 सितंबर को अगली सुनवाई

 जागरण प्रभात। बिहार के पंचायत और नियोजित शिक्षकों के लिए सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़ी एक अहम कानूनी लड़ाई अब पटना हाईकोर्ट पहुंच गई है। सवाल यह है कि क्या पंचायत शिक्षकों को भी स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारियों की तरह पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ मिलना चाहिए? इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। 

न्यायमूर्ति पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने विनय कुमार श्रीवास्तव व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग के संबंधित अपर मुख्य सचिवों से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।

पंचायत शिक्षकों को नियमित कर्मचारियों जैसा सेवानिवृत्ति लाभ मिलेगा या नहीं?

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के सामने सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यही रहा कि पंचायत शिक्षकों को क्या स्थानीय स्वशासी निकायों के अन्य नियमित कर्मचारियों की तरह रिटायरमेंट बेनिफिट, पेंशन और ग्रेच्युटी पाने का अधिकार है। अदालत ने इस सवाल को केवल सेवा नियमों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इससे जुड़े संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों पर भी विचार करने का निर्देश दिया है। रिपोर्टों के अनुसार सुनवाई में संविधान के अनुच्छेद 243-G, 11वीं अनुसूची की प्रविष्टि संख्या 17 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का उल्लेख हुआ।

सरकार से मांगा गया स्पष्ट जवाब

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार के शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग से अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है। संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिवों के माध्यम से जवाबी हलफनामा दाखिल किया जाना है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल हाईकोर्ट ने पंचायत शिक्षकों को पेंशन या ग्रेच्युटी देने का अंतिम आदेश नहीं दिया है। अदालत अभी इस बात की कानूनी जांच कर रही है कि इन सेवानिवृत्ति लाभों पर पंचायत शिक्षकों का अधिकार बनता है या नहीं।

पंचायत सचिव को भी मामले में जोड़ा जाएगा

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से संबंधित पंचायत सचिव को भी मामले में प्रतिवादी बनाने की अनुमति मांगी गई, जिसे अदालत ने स्वीकार किया। इससे पंचायत स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा व्यवस्था में पंचायत की भूमिका भी इस मामले की सुनवाई के दायरे में आएगी।

15 सितंबर को फिर होगी सुनवाई

पटना हाईकोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर 2026 को सूचीबद्ध किया है। साथ ही इसे बेबी तिवारी से जुड़े मामले के साथ सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से दाखिल जवाब इस मामले की आगे की दिशा तय करने में अहम हो सकता है।

लाखों शिक्षकों की नजर हाईकोर्ट के अगले आदेश पर

बिहार में नियोजित शिक्षकों की संख्या करीब 3.5 लाख बताई गई है। ये शिक्षक पंचायत राज संस्थाओं के साथ-साथ शहरी स्थानीय निकायों के अधीन विद्यालयों में भी कार्यरत रहे हैं। ऐसे में पेंशन और ग्रेच्युटी से जुड़ा यह मामला केवल एक याचिकाकर्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में शिक्षकों के भविष्य के सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।

अभी क्या स्थिति है?

पेंशन: अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

ग्रेच्युटी: हाईकोर्ट इस अधिकार के कानूनी आधार की जांच कर रहा है।

सेवानिवृत्ति लाभ: राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है।

अगली सुनवाई: 15 सितंबर 2026।

मुख्य याचिकाकर्ता: विनय कुमार श्रीवास्तव व अन्य।

सुनवाई: न्यायमूर्ति पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ।

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