जागरण प्रभात। बिहार के जमुई में छात्रा के साथ बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद अब इसका असर राजधानी पटना की राजनीति पर भी दिखाई देने लगा है। घटना को लेकर बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की महिला विंग ने पटना में प्रदर्शन किया। महिला कार्यकर्ता राजद कार्यालय से इनकम टैक्स चौराहे की ओर मार्च करते हुए पहुंचीं और सरकार के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का पुतला भी दहन किया गया।
जमुई की घटना का वीडियो सामने आने के बाद बिहार में छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार से मामले में कठोर कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ त्वरित न्याय की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
राज्य में महिला और बेटियां सुरक्षित नहीं
राजद की महिला कार्यकर्ताओं ने जमुई की घटना को लेकर बुधवार को पटना में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता राजद कार्यालय से इनकम टैक्स चौराहे तक पहुंचीं। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए गए। राजद नेताओं का आरोप है कि राज्य में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। पार्टी की ओर से जमुई मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल की मांग की जा रही है। इस प्रदर्शन के जरिए राजद ने घटना को केवल एक आपराधिक मामले के रूप में नहीं, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े बड़े सवाल के रूप में उठाया है।
पप्पू यादव राज्यपाल से मिलकर सौंपेंगे ज्ञापन
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी जमुई मामले को लेकर राज्यपाल से मुलाकात करने वाले हैं। उनके राजभवन पहुंचकर बिहार में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम बताया गया है। ज्ञापन में जमुई की घटना के साथ महिलाओं के खिलाफ अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाए जाने की बात कही गई है। पप्पू यादव की ओर से दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है। पप्पू यादव इससे पहले भी बिहार में अलग-अलग मुद्दों को लेकर राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंप चुके हैं।
जन सुराज भी निकालेगा नागरिक मार्च
जमुई की घटना को लेकर जन सुराज संघर्ष वाहिनी की ओर से भी पटना में कार्यक्रम रखा गया है। संगठन की ओर से शाम 5 बजे कारगिल चौक से नागरिक मार्च निकालने की घोषणा की गई है। संगठन से जुड़े छात्र और युवा कार्यकर्ताओं ने इसे बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया है। आम नागरिकों, छात्रों और विभिन्न वर्गों के लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की गई है। इस तरह एक ही घटना को लेकर पटना में अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के कार्यक्रमों से मामला और चर्चा में आ गया है।
तेजस्वी यादव ने उठाया था कानून-व्यवस्था का सवाल
इससे पहले बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर जमुई की घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि अपराध को जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए और जो भी अपराध करे, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने अपराधियों को सजा देने और मामले में तेजी से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को पूर्व में हुई ऐसी घटनाओं पर हुई कार्रवाई के बारे में जवाब देना चाहिए। जमुई मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार से कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर जवाब मांग रहा है। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
जमुई मामले में अब तक क्या हुआ?
जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट की घटना 19 सितंबर को सामने आई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। शुरुआती कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। बाद में मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस कार्रवाई के दौरान पकड़े जाने की खबर सामने आई। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए बिहार पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो को प्रसारित नहीं करने की अपील भी की थी, ताकि पीड़िता की पहचान की सुरक्षा बनी रहे।
घटना से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
जमुई की घटना अब बिहार में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। विपक्षी दल सरकार से जवाब मांग रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। मामले को लेकर जमुई में भी विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी घटना के विरोध में मार्च निकालकर छात्राओं की सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ऐसे में बुधवार को पटना में राजद महिला विंग का प्रदर्शन, पप्पू यादव का राज्यपाल से मिलने का कार्यक्रम और जन सुराज का नागरिक मार्च—तीनों गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि जमुई की घटना अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन चुकी है। हालांकि, पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस और एसआईटी की जांच जारी है।

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