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Exam Glitches पर सचिन पायलट बोले- परीक्षा की गड़बड़ियों का खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा

 

जागरण प्रभात। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही तकनीकी गड़बड़ियों, पेपर लीक और मूल्यांकन संबंधी अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने चिंता जताई है। मंगलवार को बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत में पायलट ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में बार-बार आने वाली समस्याओं का सीधा असर मेहनत करने वाले युवाओं पर पड़ता है और इससे उनका व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है।

पायलट ने हाल में जयपुर में NEET-PG परीक्षा के दौरान सामने आई तकनीकी समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र पर सर्वर और बिजली से जुड़ी दिक्कतों के कारण अभ्यर्थियों को परेशानी हुई। जयपुर के सीतापुरा स्थित दो केंद्रों पर NEET-PG परीक्षा प्रभावित होने के बाद राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) ने प्रभावित 2,445 अभ्यर्थियों के लिए 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है।

NEET-PG के बाद AIIMS परीक्षा में भी तकनीकी परेशानी

जयपुर में परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल इसलिए भी बढ़ गए हैं क्योंकि NEET-PG के अगले ही दिन उसी क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र पर AIIMS CRE-5 की पुनर्परीक्षा के दौरान भी तकनीकी दिक्कत सामने आई। परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद सिस्टम में समस्या आने के कारण अभ्यर्थियों को परीक्षा जारी रखने में परेशानी हुई और केंद्र पर विरोध की स्थिति बन गई। प्रभावित केंद्र की परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की बात सामने आई है।एक ही परीक्षा केंद्र पर लगातार दो महत्वपूर्ण परीक्षाओं में तकनीकी समस्याएं सामने आने से परीक्षा केंद्रों की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। TCS iON ने जयपुर केंद्र पर हुई गड़बड़ी को स्थानीय स्तर की आंतरिक विद्युत समस्या से जोड़ा है।

'युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने वाली व्यवस्था चाहिए'

सचिन पायलट ने कहा कि देश को ऐसी परीक्षा व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें युवाओं की प्रतिभा और मेहनत को सही अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करने की व्यवस्था इस समय बेहद कठिन दौर से गुजर रही है। पायलट के मुताबिक परीक्षा कराने में तकनीकी समस्या हो, प्रश्नपत्र लीक होने का मामला हो या अंक देने में अनियमितता—हर स्थिति में नुकसान अभ्यर्थियों को उठाना पड़ता है। ऐसे मामलों में व्यवस्था को सुधारने और जवाबदेही तय करने की जरूरत है।

बाड़मेर में विद्यार्थियों से मिले सचिन पायलट

बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत के बाद सचिन पायलट वीरेंद्र धाम पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यार्थियों से मुलाकात की और उनके साथ नाश्ता किया। पायलट ने छात्रों की पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और उनके लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी लगन और समर्पण के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही युवाओं से समाज और देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए वीरेंद्र धाम की पहल

पायलट ने क्षेत्र के युवाओं के लिए वीरेंद्र धाम की ओर से किए जा रहे शैक्षिक और सामाजिक कार्यों की सराहना की। वीरेंद्र धाम की स्थापना कांग्रेस के पूर्व नेता हेमाराम चौधरी ने अपने दिवंगत पुत्र वीरेंद्र चौधरी की स्मृति में की थी। यह केंद्र ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को रहने, पढ़ाई और मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किया जाता है। इस दौरान पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और बाड़मेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

युवाओं के लिए परीक्षा व्यवस्था क्यों है अहम?

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी लंबे समय तक मेहनत और तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा के दिन तकनीकी समस्या, सर्वर फेल होने या अन्य प्रशासनिक खामी के कारण परीक्षा प्रभावित होने से अभ्यर्थियों के सामने दोबारा तैयारी और परीक्षा देने की चुनौती खड़ी हो जाती है।

जयपुर में NEET-PG और उसके बाद AIIMS परीक्षा में सामने आई तकनीकी परेशानियों ने एक बार फिर परीक्षा केंद्रों की तकनीकी तैयारियों, वैकल्पिक व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। सचिन पायलट का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी है, ताकि युवाओं की मेहनत प्रभावित न हो और उनका सिस्टम पर भरोसा बना रहे।


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