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Bihar News : गया के डोभी में मोटर ठीक करने कुएं में उतरे चार लोग, जहरीली गैस से मौत, दो शव बाहर निकाले गए


जागरण प्रभात। बिहार के गया जिले के डोभी प्रखंड अंतर्गत गढ़ करमौनी गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुएं में मोटर ठीक करने के लिए उतरे चार ग्रामीण जहरीली गैस की चपेट में आ गए। दम घुटने से चारों की मौत की आशंका जताई जा रही है। बचाव अभियान के दौरान अब तक दो शव कुएं से बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि दो अन्य ग्रामीणों के शव निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम का इंतजार किया जा रहा है।

मोटर ठीक करने कुएं में उतरे थे ग्रामीण

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गढ़ करमौनी गांव में कुएं के अंदर मोटर में खराबी आ गई थी। इसी को ठीक करने के लिए ग्रामीण कुएं में उतरे थे। बताया जा रहा है कि कुएं के अंदर पहले से जहरीली गैस जमा थी, जिसकी चपेट में आने के बाद ग्रामीणों का दम घुट गया। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव की कोशिश शुरू की और प्रशासन को घटना की सूचना दी। कुएं में विकास चौधरी (18), विजय चौधरी (45), दिलचंद मांझी (28), चमारी मांझी (65) फंसे थे। विकास चौधरी और विजय चौधरी पिता-पुत्र हैं।

विजय चौधरी और दिलचंद मांझी का शव बाहर निकाला गया

बचाव अभियान के दौरान विजय चौधरी और दिलचंद मांझी के शव कुएं से बाहर निकाले जा चुके हैं। वहीं विकास चौधरी और चमारी मांझी के शव को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, कुएं के भीतर गैस का खतरा बना हुआ है। इसी वजह से बचाव दल को भी काफी सावधानी के साथ अभियान चलाना पड़ रहा है।

शव निकालने के दौरान अग्निशमन कर्मी भी हुए बेहोश

शव निकालने के दौरान अग्निशमन कर्मी भी हुए बेहोश

हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुएं से शव निकालने के दौरान अग्निशमन विभाग के सिपाही अजीत कुमार भी कुएं में मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। इसके बाद बचाव अभियान को और सतर्कता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। कुएं के अंदर जहरीली गैस की मौजूदगी के कारण बिना सुरक्षा उपकरण के नीचे उतरना बेहद जोखिम भरा बताया जा रहा है। दो ग्रामीणों के शव अभी कुएं में होने की सूचना है। उन्हें बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम का इंतजार किया जा रहा है। प्रशासन की निगरानी में बचाव अभियान जारी है। घटना की सूचना मिलते ही शेरघाटी एसडीओ, डोभी बीडीओ समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। अधिकारियों की मौजूदगी में राहत एवं बचाव कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।

जहरीली गैस से कैसे हुआ हादसा?

कुएं जैसे बंद और कम वेंटिलेशन वाले स्थानों में कई तरह की जहरीली या दम घोंटने वाली गैसें जमा हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन की कमी भी हो सकती है। बाहर से सामान्य दिखने वाला कुआं अंदर से जानलेवा हो सकता है। यही वजह है कि किसी भी कुएं, टैंक या बंद स्थान में उतरने से पहले गैस और ऑक्सीजन की जांच तथा उचित सुरक्षा उपकरण बेहद जरूरी होते हैं। गढ़ करमौनी की घटना में भी प्रारंभिक तौर पर कुएं के अंदर जहरीली गैस की मौजूदगी को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि घटना की वास्तविक वजह प्रशासनिक जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घटनास्थल पर ग्रामीणों की लगी भीड़।

गांव में पसरा मातम

एक ही घटना में चार ग्रामीणों के हताहत होने की सूचना के बाद गढ़ करमौनी गांव में मातम का माहौल है। खासकर विजय चौधरी और उनके पुत्र विकास चौधरी के हादसे का शिकार होने की जानकारी से ग्रामीणों में गहरा शोक है। लहाल प्रशासन और बचाव दल का पूरा ध्यान कुएं में फंसे दोनों अन्य ग्रामीणों के शवों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।


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