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Bihar Flood: 22 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित, 190 सामुदायिक रसोई और 1429 नावें तैनात, CM ने किया निरीक्षण


जागरण प्रभात। बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के उफान से राज्य के 12 जिलों के निचले इलाकों में पानी फैल गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 22 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए 190 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं, जबकि सुरक्षित निकासी और आवागमन के लिए 1,429 नावें लगाई गई हैं।

सामुदायिक रसोई से लेकर नावों तक बढ़ाई गई राहत व्यवस्था

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जमीनी जायजा लिया। उन्होंने सामुदायिक रसोई में भोजन की व्यवस्था देखी और अधिकारियों से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचने की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ के दौरान राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। तटबंधों की लगातार निगरानी, संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता और जरूरत पड़ने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार सामुदायिक रसोई की संख्या तेजी से बढ़ाई गई है। इन रसोइयों के माध्यम से करीब 2.51 लाख लोगों तक भोजन पहुंचाया जा रहा है।

गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

बिहार में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर, कोसी बलतारा और कुरसेला, बूढ़ी गंडक खगड़िया, जबकि गंगा हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद और घाघरा दरौली में भी खतरे के निशान से ऊपर है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन को संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने को कहा गया है।

पटना में गंगा ने बनाया नया रिकॉर्ड

पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर इस बाढ़ में विशेष चिंता का कारण बना हुआ है। इससे पहले गंगा गांधी घाट पर अपने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर चुकी है। 6 सितंबर की सुबह यहां जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया था, जो पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर से ऊपर था।

सोमवार सुबह छह बजे गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.41 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 1.57 मीटर ऊपर बताया गया। वहीं दीघा घाट पर जलस्तर 43.52 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 1.75 मीटर अधिक है।गंगा के लगातार ऊंचे जलस्तर के कारण पटना के निचले इलाकों के साथ-साथ डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

12 जिलों में बाढ़ का असर

बाढ़ से प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल शामिल हैं। इन जिलों के निचले इलाकों में पानी फैलने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी है। कई जगह नावों के माध्यम से लोगों की आवाजाही और निकासी कराई जा रही है।

1429 नावें तैनात, NDRF-SDRF की टीमें भी सक्रिय

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव के लिए 1,429 नावों को लगाया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की 10 टीमें और राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF की 27 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात हैं।प्रशासन को नावों की क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने से रोकने और नाव परिचालन की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित लोगों को नदी और तेज बहाव वाले पानी के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है।

तटबंधों पर बढ़ाई गई निगरानी

बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए तटबंधों पर विशेष निगरानी की जा रही है। अधिकारियों और अभियंताओं को बाढ़ नियंत्रण से संबंधित मशीनरी तथा संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने जिलाधिकारियों और क्षेत्रीय अधिकारियों से कहा है कि वे जलस्तर, तटबंधों, संवेदनशील स्थानों और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखें। जहां भी खतरा बढ़े, वहां बिना देरी किए एहतियाती कदम उठाए जाएं।

भारी बारिश ने बढ़ाई मुश्किल

बिहार और पड़ोसी झारखंड में हुई भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हुई है। सितंबर में अब तक राज्य में 69.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 55 प्रतिशत अधिक बताई गई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी जलस्तर पर नजर रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

प्रशासन की अपील-अफवाहों से बचें, सतर्क रहें

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे नदी के किनारे या तेज बहाव वाले पानी में जाने से बचें। नाव से यात्रा करते समय क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।स्थानीय प्रशासन को लोगों तक स्थिति की नियमित जानकारी पहुंचाने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

Bihar Flood: एक नजर में जरूरी आंकड़े

  • प्रभावित जिलों की संख्या: 12
  • प्रभावित आबादी: 22 लाख से अधिक
  • सामुदायिक रसोई: 190
  • तैनात नावें: 1,429
  • NDRF टीमें: 10
  • SDRF टीमें: 27
  • गांधी घाट पर गंगा: खतरे के निशान से 1.57 मीटर ऊपर
  • दीघा घाट पर गंगा: खतरे के निशान से 1.75 मीटर ऊपर
  • सितंबर में अब तक बारिश: 69.1 मिमी
  • सामान्य से अधिक बारिश: 55 प्रतिशत


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