क्या है दारोगा पुत्र हत्याकांड?
गया जी के मानपुर स्थित सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में सोमवार देर रात रानू शेखर और उनके बड़े भाई मोनू शेखर को गोली मार दी गई थी। दोनों के पिता सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह बिहार पुलिस में दारोगा हैं और मोतिहारी जिले के डुमरियाघाट थाने में तैनात बताए गए हैं। इस गोलीबारी में 28 वर्षीय रानू शेखर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मोनू शेखर गंभीर रूप से घायल हो गए। पटना के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है।
विवाद शांत कराने पहुंचे थे दोनों भाई
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मोहल्ले में कुछ परिचित लोगों के बीच विवाद हो रहा था। रानू और मोनू शेखर विवाद शांत कराने के लिए वहां पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पर गोलीबारी कर दी गई। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और परिवार में मातम छा गया। सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सुशील कुमार ने जांच के लिए एसआईटी गठित की थी।
पिता के बयान पर 12 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी
रानू शेखर के पिता सुधांशु शेखर के बयान पर सात नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार भी किया था। अब श्याम बिहारी और काला के घायल होने की सूचना के बाद मामले की जांच और तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस के सामने हत्याकांड की वजह स्पष्ट करने, सभी आरोपियों की भूमिका की जांच करने और फरार आरोपियों तक पहुंचने की चुनौती है।

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