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Siwan Firecracker Blast: सीवान में पटाखा विस्फोट से 7 लोगों की मौत, अमीरुद्दीन के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, गांव में पसरा मातम


जागरण प्रभात। बिहार के सिवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में शुक्रवार शाम पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। धमाका इतना भयावह था कि पटाखा कारोबारी अमीरुद्दीन मियां समेत सात लोगों की मौत हो गई। विस्फोट की तीव्रता से मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और शवों के टुकड़े घर से दूर तक जा गिरे। मृतकों में कारोबारी के परिवार के सदस्य और मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। कई घंटे तक रुक-रुककर होते रहे धमाकों के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी परेशानी आई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।

शाम साढ़े पांच बजे हुआ भीषण विस्फोट

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे आलमपुर गांव में अमीरुद्दीन मियां के घर में पटाखा बनाने के दौरान अचानक आग लग गई। इसके बाद घर में रखे पटाखों में लगातार विस्फोट होने लगे। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि विस्फोट कहां हुआ है। बाद में पता चला कि धमाका पटाखा कारोबारी के मकान में हुआ है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मकान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास मलबा फैल गया और घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों के अनुसार, हादसे के समय घर में सात लोग मौजूद थे। इनमें अमीरुद्दीन मियां, उनके पोते-पोतियां और पटाखा बनाने के काम में लगे मजदूर शामिल थे।

धमाके से दूर तक बिखर गए शवों के टुकड़े

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पटाखा कारोबारी अमीरुद्दीन मियां का शव घर से करीब सौ मीटर दूर जा गिरा। धमाके में शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। घटनास्थल के आसपास का दृश्य देखकर ग्रामीण सहम गए। विस्फोट के बाद घर के आसपास लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन लगातार धमाके होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचना जोखिम भरा था। आग और मलबे के बीच राहत दल को सावधानीपूर्वक काम करना पड़ा। इस हादसे ने पूरे आलमपुर गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

कई घंटे तक होते रहे धमाके, बचाव कार्य में आई परेशानी

हादसे के बाद मकान में रखे पटाखों में रुक-रुककर विस्फोट होते रहे। धमाकों के कारण अग्निशमन विभाग और राहत-बचाव दल को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पुलिस, मेडिकल टीम और अग्निशमन विभाग के कर्मियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मलबे की जांच, शवों की पहचान और हादसे से जुड़े साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी जांच के लिए पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर ग्रामीणों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की गई।

बहू अफरीन की बची जान, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस दर्दनाक हादसे में परिवार की बहू अफरीन किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहीं। ग्रामीणों के अनुसार, घर में आग लगने की जानकारी मिलते ही वह बाहर निकल गईं। लेकिन इस हादसे ने उनके परिवार को गहरा नुकसान पहुंचाया। बताया जाता है कि अफरीन के पति का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका था। वह अपने ससुर अमीरुद्दीन मियां और बच्चों के साथ रहती थीं। विस्फोट में परिवार के सदस्यों की मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे के बाद अफरीन सदमे में बताई जा रही हैं।

कई पीढ़ियों से पटाखा कारोबार करता था परिवार

ग्रामीणों के अनुसार, अमीरुद्दीन मियां का परिवार कई पीढ़ियों से पटाखा कारोबार से जुड़ा था। शादी-विवाह, पर्व-त्योहार और अन्य आयोजनों के लिए पटाखों की आपूर्ति इस कारोबार का हिस्सा थी। इसी व्यवसाय से परिवार की आजीविका चलती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार पहले लाइसेंस लेकर पटाखों का निर्माण करता था। हालांकि, घटना के समय लाइसेंस और अन्य जरूरी अनुमतियां वैध थीं या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में पटाखा निर्माण और भंडारण के दौरान हुए इस विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पटाखे किस परिस्थिति में बनाए जा रहे थे और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

डीएम-एसपी ने लिया घटनास्थल का जायजा

घटना की सूचना मिलते ही सीवान के जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी और सदर अनुमंडल पदाधिकारी आशुतोष गुप्ता समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया और संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने की बात कही। जांच के दौरान पटाखों के निर्माण, भंडारण, लाइसेंस और सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की जाएगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि घटना से पहले संबंधित गतिविधियों की निगरानी कैसे की जा रही थी और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। घटना के बाद स्थानीय थानाध्यक्ष और चौकीदार को निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, पूरे मामले में जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही का निर्धारण जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगा।

गांव में मातम, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

आलमपुर में हुए इस भीषण विस्फोट ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। गांव में मातम पसरा है और लोग हादसे से स्तब्ध हैं। एक ही घर में पटाखा निर्माण के दौरान हुए विस्फोट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ज्वलनशील सामग्री के निर्माण और भंडारण के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन कितना जरूरी है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही विस्फोट की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

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