अलीशेर गांव के पास कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार को संगरूर जिले में लहरागागा-जाखल मार्ग पर अलीशेर गांव के निकट हुई। बताया गया है कि विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) के तहत पंजीकृत 20 से अधिक मजदूरों का समूह वहां काम कर रहा था। समूह में कई महिलाएं भी शामिल थीं। कुछ मजदूर सड़क के किनारे बैठे हुए थे। इसी दौरान जाखल की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने मजदूरों को टक्कर मार दी। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक पलविंदर सिंह के मुताबिक, दुर्घटना के बाद कार चालक अपना वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाद में संगरूर की उपायुक्त पूनमदीप कौर ने आठ लोगों की मौत और 12 लोगों के घायल होने की पुष्टि की। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
एंबुलेंस पहुंचने में देरी के आरोप, कैंटर से अस्पताल ले जाए गए घायल
इस हादसे के बाद आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लेकर भी सवाल उठे हैं। घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने का दावा करने वाले एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि बार-बार फोन करने के बावजूद एंबुलेंस करीब एक घंटे बाद पहुंचीं। स्थानीय व्यक्ति के मुताबिक, सड़क किनारे कई मजदूर घायल पड़े थे और कम से कम पांच शव घटनास्थल पर दिखाई दे रहे थे। उसने यह भी दावा किया कि एंबुलेंस की देरी के कारण कुछ घायलों को कैंटर वाहनों से अस्पताल पहुंचाना पड़ा। उसने आरोप लगाया कि समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से कुछ लोगों की जान बच सकती थी। हालांकि, एंबुलेंस पहुंचने में देरी और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इन आरोपों पर प्रशासन की विस्तृत जांच या आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।
Bhagwant Mann Compensation: मृतकों के परिवारों को मिलेंगे ₹2 लाख
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अलीशेर गांव में हुआ यह भीषण सड़क हादसा बेहद दुखद है और आठ लोगों की जान जाना बड़ी क्षति है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। जिला प्रशासन ने घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी मजदूरों की मौत पर शोक जताया। कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग तथा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए घायलों को बेहतर इलाज और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
गरीब मजदूर परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
रोजी-रोटी के लिए काम कर रहे मजदूरों के साथ हुए इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है, जबकि घायलों का उपचार जारी है। अब इस मामले में आरोपी चालक की गिरफ्तारी, दुर्घटना के कारणों की जांच और एंबुलेंस में देरी के आरोपों पर प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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