Bodhgaya : 74 देशों के 327 नौसेना अधिकारियों ने महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध की पूजा कर मांगा आशीर्वाद


महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करने के लिए जाते नौसेना के अधिकारी।

Jagran Prabhat : बिहार की ज्ञान भूमि बोधगया का महाबोधि मंदिर परिसर शुक्रवार (20 फरवरी) को बुद्धम शरणम गच्छामि के मंत्रों से गुंजायमान था, तब सफेद वर्दी में सजे विश्व के 74 देशों के 327 नौसेना अधिकारियों ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल महाबोधि मंदिर में भगवान बुद्ध के चरणों में शीश नवाया और अंतरराष्ट्रीय सद्भाव व आध्यात्मिक शांति के लिए नौसेना के शीर्ष कमांडरों और अधिकारियों ने विश्व शांति की प्रार्थना की।

एयरफोर्स के दो विमानों से वरीय अधिकारियों और कर्मियों का प्रतिनिधिमंडल विशेष सांस्कृतिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत बोधगया पहुंचा। भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) और मिलन 2026 के अवसर पर यह विशेष सांस्कृतिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रतिनिधिमंडल का स्वागत बीटीएमसी की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी, सदस्य डॉ. अरविंद कुमार सिंह, भिक्षु चालिंदा और भिक्षु डॉ. दीनानंद ने पारंपरिक खादा पहनाकर किया। इसके बाद सभी अतिथियों ने मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना की और पवित्र बोधिवृक्ष का दर्शन किया। अधिकारियों को भगवान बुद्ध के जीवन, ज्ञान प्राप्ति की ऐतिहासिक घटना और बौद्ध दर्शन के शांति, करुणा व वैश्विक सह अस्तित्व के संदेश से अवगत कराया गया।

महाबोधि मंदिर नौसेना के अधिकारी को खादा पहनाकर स्वागत करते वरीय भिक्षु चालिंदा।

प्रतिनिधियों ने कहा कि बौद्ध मूल्यों में निहित शांति और विश्वास की भावना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग को नई दिशा देती है। महाबोधि मंदिर में लगभग दो घंटे तक दर्शन-पूजन के बाद शिष्टमंडल ने 80 फीट ऊंची विशाल बुद्ध प्रतिमा का भी अवलोकन किया। दौरे के अंत में अधिकारियों ने बोधगया की आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए इसे आत्मिक रूप से समृद्ध करने वाला अनुभव बताया। 

इन देशों के अधिकारी रहे शामिल

शिष्टमंडल में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, मलेशिया, सेशेल्स, मालदीव्स, म्यांमार, ओमान, फिलीपींस, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, रसिया, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, थाईलैंड, यूएई, यूके, यूएस, वियतनाम, ब्रिटेन, ब्राजील, सऊदी अरब सहित अन्य देशों के अधिकारी व कर्मी शामिल थे।


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