
Jagran Prabhat : बिहार में शिक्षकों के बहुप्रतीक्षित स्थानांतरण अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। शिक्षा विभाग के पहले चरण में अधिशेष (सरप्लस) शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, जिसमें 73,151 शिक्षकों ने स्वेच्छा से तबादले के लिए आवेदन किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 31 अक्टूबर 2026 तक स्थानांतरण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को पूरा करना है ताकि शिक्षक बिना किसी प्रशासनिक परेशानी के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सकें।
1.06 लाख से अधिक सरप्लस शिक्षकों में से 73 हजार ने किया आवेदन
शिक्षा मंत्री ने विकास भवन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। 29 जुलाई से पांच अगस्त की मध्यरात्रि तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर आवेदन लिए गए। इस दौरान राज्य के 1,06,287 अधिशेष शिक्षकों में से 73,151 शिक्षकों ने अपनी इच्छा से स्थानांतरण के लिए आवेदन किया।वहीं, पारस्परिक (Mutual) स्थानांतरण के लिए 4,259 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
जो शिक्षक आवेदन नहीं कर सके, उनके लिए राहत
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो शिक्षक पहले चरण में आवेदन नहीं कर पाए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी शिक्षक दूसरे चरण में सामान्य (ऐच्छिक) स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। यानी पांच अगस्त तक आवेदन नहीं करने वाले शिक्षकों को भी एक और अवसर मिलेगा।
महिला और पुरुष शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने स्थानांतरण नीति में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया है। महिला शिक्षकों को उनके गृह प्रखंड के अंदर पदस्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। पुरुष शिक्षकों का स्थानांतरण गृह जिले के अंदर किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षकों की पारिवारिक और सामाजिक समस्याएं कम होंगी और वे अधिक प्रभावी ढंग से शिक्षण कार्य कर सकेंगे।
कब तक पूरी होगी पहली प्रक्रिया?
शिक्षा विभाग ने पहले चरण का विस्तृत कार्यक्रम भी जारी किया है।
सात अगस्त से नौ सितंबर तक
शिक्षकवार समायोजन सूची प्रकाशित होगी। आपत्तियों और अपीलों का निपटारा किया जाएगा।
जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर की स्थापना समितियां प्रक्रिया पूरी करेंगी।
10 से 14 सितंबर तक
पारस्परिक स्थानांतरण के आवेदनों का निष्पादन होगा। सामान्य तबादले के लिए आवेदन कब से होंगे? शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि 17 सितंबर 2026 से सामान्य स्थानांतरण (General Transfer) की प्रक्रिया शुरू होगी। इस चरण में वे सभी शिक्षक आवेदन कर सकेंगे जो पहले चरण में किसी कारणवश आवेदन नहीं कर पाए थे।
स्कूल चयन को लेकर बड़ा फैसला
शिक्षकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह रही कि आवेदन के समय जिन विद्यालयों का विकल्प दिया गया है, स्थानांतरण उन्हीं विकल्पों में से किसी एक विद्यालय में किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी शिक्षक का तबादला उसकी पसंद से बाहर किसी अन्य विद्यालय में नहीं किया जाएगा। यह फैसला लंबे समय से उठ रही शिक्षकों की प्रमुख मांगों में शामिल था।
31 अक्टूबर तक खत्म होगी स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया
शिक्षा मंत्री के अनुसार सरकार का लक्ष्य है कि 31 अक्टूबर 2026 तक स्थानांतरण से जुड़ी सभी लंबित समस्याओं का समाधान कर लिया जाए। इसके बाद राज्यभर के शिक्षक पूरी ऊर्जा के साथ विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान दे सकेंगे।
शिक्षक संगठनों से भी मांगे सुझाव
शिक्षा मंत्री ने शिक्षक संगठनों और प्रतिनिधियों से अपील की कि वे रचनात्मक सुझाव दें और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सरकार के साथ संवाद बनाए रखें।
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