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विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना कर CM सम्राट चौधरी ने की मंगल कामना



 विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और राजस्व व भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल।

जागरण प्रभात। मोक्षनगरी गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 का शुक्रवार को विधिवत आगाज हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मेले का उद्घाटन किया। इससे पहले उन्होंने ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर पहुंचकर भगवान विष्णु के श्रीविष्णुचरण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-शांति और मंगल की कामना की।  विष्णुपद मंदिर में पूजा के बाद मुख्यमंत्री मेला क्षेत्र की वास्तविक स्थिति देखने के लिए देवघाट की ओर रवाना हुए।मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित राज्य सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने फल्गु नदी के देवघाट सहित मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गया जिला प्रशासन ने मेले को लेकर सुरक्षा, यातायात, सफाई, स्वास्थ्य, प्रकाश, टेंट और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यापक तैयारियां की हैं। आधिकारिक प्रशासनिक सूचनाओं के मुताबिक मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए CCTV, ड्रोन कैमरा और वीडियो कैमरा जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

रिमझिम बारिश के बीच देवघाट पहुंचे मुख्यमंत्री 


फल्गु नदी के देवघाट पर जायजा लेते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और राजस्व व भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल।

विष्णुपद मंदिर से निकलने के बाद मुख्यमंत्री और उनका काफिला गया की संकरी गलियों से होकर देवघाट पहुंचा। उस समय हल्की बारिश हो रही थी। मुख्यमंत्री ने छाते के सहारे घाट पर पहुंचकर पितृपक्ष मेले की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए की गई पानी, बैरिकेडिंग, आवागमन और घाट व्यवस्था की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मेला क्षेत्र में आने वाले पिंडदानियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने को लेकर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

ई-रिक्शा से फल्गु घाट का निरीक्षण, सबसे आगे बैठे CM

देवघाट के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने ई-रिक्शा से फल्गु नदी और आसपास के घाटों की व्यवस्था को देखा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी आगे वाले ई-रिक्शा में बैठे। इसी ई-रिक्शा की अगली सीट पर गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर भी मौजूद रहे। पीछे चल रहे ई-रिक्शों में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, कृषि सह जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व और भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि सवार रहे।

25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा पितृपक्ष मेला

गयाजी का पितृपक्ष मेला देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। इस दौरान श्रद्धालु फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और विभिन्न पिंड वेदियों पर श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं।गया जिला प्रशासन के अनुसार इस वर्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए CCTV, ड्रोन और वीडियो कैमरों की व्यवस्था से संबंधित आधिकारिक निविदाएं भी जारी की गई थीं। प्रशासन की ओर से टेंट, पंडाल, प्रकाश, साउंड सिस्टम, जनरेटर, स्वास्थ्य शिविर और पुलिस शिविर जैसी व्यवस्थाओं के लिए भी तैयारियां की गई हैं।

श्रद्धालुओं के लिए डिजिटल सुविधाओं पर भी जोर

पितृपक्ष मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से डिजिटल सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है। आधिकारिक पिंडदान गयाजी पोर्टल पर पिंडदान, वेदियों, आवागमन, आवास, आपातकालीन सहायता और अन्य सुविधाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।यातायात और पार्किंग को लेकर भी जिला प्रशासन ने अलग व्यवस्था जारी की है, ताकि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखा जा सके।

गया जी में बढ़ी चहल-पहल, देश-विदेश से पहुंच रहे पिंडदानी

पितृपक्ष मेले के शुरू होने के साथ ही गयाजी में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है। विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी के घाट और प्रमुख पिंड वेदियों पर धार्मिक गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। गया प्रशासन इस दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रहा है। शहर के प्रमुख घाटों और मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल, सुरक्षा और आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लगातार निगरानी में रखा जा रहा है।

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