रतन टाटा का मुंबई में निधन, ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली अंतिम सांस

Jagran Prabhat:  टाटा संस के मानद प्रमुख रतन टाटा का बुधवार रात को निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली।  वह 86 वर्ष के थे। रतन टाटा के नेतृत्व में टाटा समूह ने भारत के उद्योग जगत को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया। उन्होंने 20 से अधिक वर्षों तक टाटा समूह का नेतृत्व किया। अमेरिका के कार्नेल विश्वविद्यालय से आर्किटेक्चर की डिग्री प्राप्त करने के बाद रतन भारत लौटे और 1962 में अपने परदादा द्वारा लगभग एक सदी पहले स्थापित टाटा समूह में काम करना शुरू किया। उन्होंने टेल्को (अब टाटा मोटर्स लिमिटेड) और टाटा स्टील लिमिटेड समेत कई टाटा कंपनियों में काम किया। उन्होंने नेशनल रेडियो एंड इलेक्ट्रानिक्स कंपनी में घाटे को मिटाने और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

1991 में, जब उनके चाचा जेआरडी टाटा ने पद छोड़ दिया, तो उन्होंने समूह का नेतृत्व संभाला। यह समय भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण था, क्योंकि देश ने अपने अर्थव्यवस्था को विश्व के लिए खोलने और तेज तरक्की के युग की शुरुआत करने के लिए क्रांतिकारी सुधार शुरू किए थे। अपने शुरुआती कदमों में से एक में, रतन टाटा ने समूह की कुछ कंपनियों के प्रमुखों की शक्ति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। उन्होंने सेवानिवृत्ति आयु लागू की, युवा लोगों को वरिष्ठ पदों पर पदोन्नत किया और कंपनियों पर नियंत्रण बढ़ाया।

रतन टाटा के निधन पर टाटा समूह के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन के अनुसार, वास्तव में एक असाधारण नेतृत्वकर्ता थे, जिनके अतुलनीय योगदान ने न केवल टाटा समूह को बल्कि राष्ट्र को भी आकार दिया है। टाटा समूह के लिए रतन टाटा एक चेयरपर्सन से कहीं अधिक थे। मेरे लिए वह एक गुरु, मार्गदर्शक और मित्र थे। उत्कृष्टता और नवीनता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ टाटा समूह ने उनके नेतृत्व में अपने वैश्विक स्तर का विस्तार किया। परोपकार और समाज के विकास के प्रति रतन टाटा के समर्पण ने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवा तक उनकी पहल ने गहरी छाप छोड़ी है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा। पूरे टाटा परिवार की ओर से मैं उनके प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उनकी विरासत हमें प्रेरित करती रहेगी क्योंकि हम उन सिद्धांतों को कायम रखने का प्रयास करेंगे, जिनकी उन्होंने बहुत दिल से वकालत की थी।

गौरतलब है कि सोमवार को रतन टाटा ने एक्स पर लिखा था कि उम्र से जुड़े स्वास्थ्य कारणों के चलते वह अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने जनता और मीडिया से गलत सूचना फैलाने से दूरी बरतने का अनुरोध करते हुए कहा था कि चिंता की कोई बात नहीं है। मैं ठीक हूं। सभी दावे निराधार हैं।

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