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| गौतम कुमार दास। जागरण प्रभात |
47 सिम कार्ड, छह मोबाइल बरामद, 22 राज्यों में फैला है ठगी का नेटवर्क
Jagran Prabhat : गया जी साइबर थाने की पुलिस और पटना साइबर अपराध की टीम ने शनिवार की रात गया के डोभी में छापेमारी कर अंतरराज्यी साइबर ठगी गिरोह सिम सप्लायर करने के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। इसकी गिरफ्तारी से एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। उसके पास से 47 सिम कार्ड और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, डोभी के अमारूत सेवईचक गांव से गौतम कुमार दास को गिरफ्तार किया है। गौतम ने देशभर में दो करोड़ 91 लाख 18 हजार 286 रुपये की साइबर ठगी में 11 मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया है। इस मामले में 22 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।
साइबर पुलिस के अनुसार, चार जुलाई को पटना स्थित साइबर अपराध और सुरक्षा इकाई ने एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज ठगी की 22 शिकायतों का विश्लेषण किया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपये की ठगी में इस्तेमाल हुए 11 मोबाइल नंबर एक ही पॉइंट ऑफ सेल से जारी किए गए थे। तकनीकी जांच में यह पीओएस एजेंट गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के अमारूत गांव का निकला। इसके बाद साइबर डीएसपी अब्दुल रहमान दानिश के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई।
अमारूत स्थित गौतम के घर छापेमारी करने शनिवार की रात पुलिस टीम पहुंची। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा। पुलिस जवानों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। उसके घर की तलाशी ली गई तो एयरटेल के 43 नये सिम, दो नये और दो पुराने जियो के सिम समेत 47 सिम कार्ड और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद सामान को जब्त कर फॉरेंसिक और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
पूछताछ में गौतम ने खुलासा किया कि वह गरीब और कम जानकर लोगों के नाम पर सिम कार्ड जारी कराता था। एक सिम के बजाय दो-तीन अतिरिक्त सिम भी सक्रिय करवा लेता और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचा देता था। इन्हीं सिम कार्डों के जरिए देशभर में निवेश, डिजिटल अरेस्ट और अन्य ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया
जाता था।
गया जी के डीएसपी सह साइबर थानाध्यक्ष अब्दुल रहमान दानिश ने बताया कि गया जी साइबर थाने में कांड संख्या 103/26 दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

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