जागरण प्रभात। निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बी जागरण प्रभात। च विपक्षी INDIA गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने बुधवार को नई दिल्ली में बैठक की। बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और ज्ञानेश कुमार के पद से हटाने की मांग को लेकर आगे की संयुक्त रणनीति पर चर्चा हुई।
विपक्षी दलों की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब संसद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने से संबंधित प्रस्ताव लाने के लिए विपक्षी दलों के बीच समर्थन और हस्ताक्षर जुटाने की कवायद की चर्चा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बैठक का एक प्रमुख मुद्दा प्रस्तावित रिमूवल मोशन और उसके लिए विपक्षी दलों के बीच समन्वय रहा।
चुनाव आयोग के मुद्दे पर साझा रणनीति की कोशिश
INDIA गठबंधन के दल पिछले कुछ समय से निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अलग-अलग स्तर पर सवाल उठाते रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि इस मुद्दे पर संयुक्त अभियान के जरिए अपनी आपत्तियां सामने रखी जाएंगी।
बैठक में संभावित आंदोलन और संसद के भीतर उठाए जाने वाले कदमों के बीच तालमेल पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने पहले ही संकेत दिया था कि वह अपने कार्यक्रमों और INDIA गठबंधन के साझा आंदोलन के बीच समन्वय बनाने की कोशिश करेगी।
कौन-कौन से नेता बैठक में पहुंचे?
बैठक में कांग्रेस की ओर से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी तथा वरिष्ठ नेता शामिल हुए। तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही। समाजवादी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सहित कई विपक्षी दलों के नेता या प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए। रिपोर्टों के मुताबिक आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के भी बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई थी।
DMK और AAP बैठक से दूर
INDIA गठबंधन की इस बैठक में द्रमुक (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) शामिल नहीं हुईं। हालांकि द्रमुक ने इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ वैचारिक रूप से खड़े होने की बात कही है। द्रमुक की ओर से यह स्पष्ट किया गया था कि पार्टी INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होगी, लेकिन संसद में यदि ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव लाया जाता है तो वह उसका समर्थन करेगी। इससे यह संकेत मिलता है कि बैठक में अनुपस्थित रहने वाले दलों और गठबंधन के अन्य घटकों के बीच रणनीतिक स्तर पर कुछ अंतर हो सकता है, जबकि संसद में प्रस्ताव की स्थिति आने पर अलग-अलग दल अपने रुख के अनुसार फैसला कर सकते हैं।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पर क्या होगा?
विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में इस प्रस्ताव के लिए विपक्षी सांसदों के समर्थन और हस्ताक्षर जुटाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होनी थी। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया संसद से जुड़ी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होती है। इसलिए विपक्ष की राजनीतिक मांग को आगे बढ़ाने के लिए संसदीय स्तर पर पर्याप्त समर्थन जुटाना अहम होगा।
SIR को लेकर भी विपक्ष की आपत्ति
बैठक का एक बड़ा मुद्दा मतदाता सूची का Special Intensive Revision (SIR) भी रहा। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं और मतदाता सूची में नामों के सत्यापन तथा संभावित रूप से नाम हटाए जाने से संबंधित चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग अपने स्तर पर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े कार्यों को संवैधानिक जिम्मेदारियों के तहत संचालित करता है। इसलिए इस पूरे विवाद में विपक्ष के आरोपों और निर्वाचन आयोग के पक्ष को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्टों से बढ़ा विवाद
हाल के दिनों में निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर भी मीडिया रिपोर्टें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अन्य निर्वाचन आयुक्तों ने कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। वहीं निर्वाचन आयोग की ओर से यह कहा गया है कि उसके निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इसी पृष्ठभूमि में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपना राजनीतिक अभियान तेज किया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क—दोनों स्तरों पर विपक्ष की रणनीति का हिस्सा रह सकता है।
अब आगे क्या?
INDIA गठबंधन की बैठक के बाद सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव को किस तरह आगे बढ़ाते हैं और कितने सांसद उसके समर्थन में आते हैं। साथ ही SIR, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त कार्यक्रम की घोषणा होती है या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से इतना स्पष्ट है कि चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों ने अपने अभियान को साझा मंच पर आगे बढ़ाने की कोशिश की है। हालांकि अंतिम संसदीय रणनीति और प्रस्ताव की प्रक्रिया को लेकर आगे की औपचारिक कार्रवाई का इंतजार रहेगा।

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