बिहार के भोजपुर में शिक्षक को अपराधियों ने गोलियों से भूना

सड़क जाम कर आक्रोश जताते लोग।


  • पहले पराठे खाये बदमाश और फिर बरसा दी गोलियां 
  • बड़हरा के कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र के उदयभानपुर गांव में शिक्षक को मारी 12 गोली 
  • पूर्व में दर्ज गोलीबारी का केस नहीं उठाने पर दिया घटना को अंजाम 

Jagran Prabhat : बिहार के भोजपुर में रविवार की रात (22 दिसंबर) एक शिक्षक को अपराधियों ने गोलियों से भून डाला। शिक्षक को 12 गोलियां मारी गई। सिर, गर्दन, सीने, पेट, कमर और हाथ में गोली लगते ही शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। शिक्षक विजय शंकर सिंह (32) उदयभानपुर गांव के रामानुज सिंह के पुत्र थे। हत्या की सूचना मिलने पर एसपी राज और सदर एसडीपीओ टू रंजीत कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। छानबीन के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक पिस्टल और 16 खोखे, आरोपित का एक जैकेट और एक मोबाइल मिला है।  मोबाइल की सीडीआर की जांच की जा रही है। इसमें डीआईयू की मदद ली जा रही है। शिक्षक की हत्या से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और सरैया बाजार में रोड जाम कर दिया। लोग अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खत्म कराया।  टायर जला प्रदर्शन किया। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से भी जांच की जा रही है। 

 उदयभानपुर गांव में शिक्षक की हत्या की जांच करते एसपी राज व सदर एसडीपीओ रंजीत कुमार सिंह।

बता दें कि रविवार को रात करीब साढ़े दस बज रहे थे। गांव के अधिकतर लोग सो गये थे या सोने की तैयारी में थे। तभी अचानक गोली चलने लगी। कुछ देर बाद गोलियों की आवाज थमने पर लोग घरों से बाहर निकले। तब तक विजय शंकर सिंह की गोलियां लगने से मौत हो चुकी थी। लोगों ने बताया कि शिक्षक विजय शंकर सिंह चाचा के दरवाजे पर बैठे थे। तीन बाइक से आठ अपराधी आए थे।  शिक्षक से अपराधियों ने पहले आलू के पराठे मंगा कर खाया। इसके बाद शिक्षक पर गोलियां बरसा दी। पहले के विवाद और केस नहीं उठाने पर हत्या करने की बात कही जा रही है। शिक्षक पर पहले भी दो बार हमला किया गया था। 2021 में उन्हें पांच गोलियां मारी गई थी। इसके बाद 2022 में केस उठाने के लिए भी उन पर फायरिंग की गई थी, लेकिन तब उन्हें गोली नहीं लग सकी थी। 

शिक्षक के बड़े भाई अशोक सिंह ने बताया कि रविवार की रात वह दालान के बरामदे में सोये थे। उनका भाई विजय शंकर सिंह भी रात में खाने के बाद दालान में बैठा था। कुछ देर बाद उसके दोस्त भदेया गांव के चंदन सिंह पहुंचे और दोनों बात करने लगे। तभी बाइक पर सवार सात लोग पहुंचे। इनमें चार लोग दालान में घुसे और उसके भाई से बातचीत करने लगे। बातचीत के दौरान ही उनके भाई को गोलियों से भून डाला गया। गोली की आवाज सुनकर बरामदे से पहुंचे, तो अपराधियों की ओर से उन पर भी फायरिंग की गई, लेकिन वह किसी तरह बच गए। अशोक सिंह ने बताया कि शंकर सिंह, गणेश सिंह, बलवंत सिंह और रोहित सिंह दालान में थे। मुन्ना, डिम्पल और राजन बाहर बाइक पर बैठे थे। अशोक सिंह की ओर से केस सुलह नहीं करने पर अपने भाई की हत्या किये जाने का आरोप लगाया गया है। हत्या को लेकर परिजनों ने दस लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।
भोजपुर के एसपी ने बताया कि घटना में शामिल सभी अपराधियों की पहचान कर ली गयी है। गिरफ्तारी को लेकर टीम गठित कर दी गई है। टीम ने छापेमारी शुरू कर दी है। घटनास्थल से एक पिस्टल और खोखे मिले हैं। उसकी जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जायेगा। 


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