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Bihar Health Department: कोर्ट के निर्देश पर 26 डॉक्टरों का कोटा बदलेगा, SC की 26 सीटों पर होगी नई बहाली

 

Jagran Prabhat : बिहार में आरक्षण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। पटना हाईकोर्ट के निर्देश और लंबित अवमानना वाद के अनुपालन में विभाग ने 26 डॉक्टरों को अनुसूचित जाति (SC) कोटे से अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) कोटे में समायोजित करने का फैसला किया है। इस निर्णय से एक ओर वर्तमान में कार्यरत 26 डॉक्टरों की सेवा सुरक्षित रहेगी। दूसरी ओर SC कोटे में खाली होने वाली 26 सीटों पर बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) की प्रतीक्षा सूची में शामिल योग्य अनुसूचित जाति अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिलेगा।

स्वास्थ्य विभाग ने महालेखाकार को भेजी जानकारी

स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव शंभूशरण ने महालेखाकार (लेखा व हकदारी) को पत्र भेजकर इस निर्णय की जानकारी दी है। विभाग ने बताया है कि इन डॉक्टरों के समायोजन के लिए EBC श्रेणी में 26 'शैडो पद' बनाए गए हैं। ये पद स्थायी नहीं होंगे और संबंधित डॉक्टरों के सेवानिवृत्त होने के बाद स्वतः समाप्त हो जाएंगे।

सरकार पर सालाना लगभग तीन करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार

इस व्यवस्था के कारण राज्य सरकार पर करीब 3 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। हालांकि सरकार का मानना है कि इससे दो महत्वपूर्ण उद्देश्य पूरे होंगे। कार्यरत डॉक्टरों की सेवा सुरक्षित रहेगी। SC कोटे के वास्तविक अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिलेगा।

पूरा मामला क्या है?

यह मामला तांती (ततवा) जाति की आरक्षण श्रेणी से जुड़ा है।

घटनाक्रम

1 जुलाई 2015 को बिहार सरकार ने तांती (ततवा) जाति को अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) से हटाकर अनुसूचित जाति (SC) में शामिल किया। इसी अवधि में कई नियुक्तियां SC कोटे के तहत हुईं। बाद में 15 जुलाई 2024 को सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के 2015 के इस निर्णय को निरस्त कर दिया।अदालत ने तांती जाति को पुनः उसकी मूल श्रेणी अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) में रखने का आदेश दिया। यहीं से उन कर्मचारियों और डॉक्टरों की सेवा को लेकर प्रशासनिक चुनौती सामने आई, जिनकी नियुक्ति इस बीच SC कोटे से हुई थी।

सरकार ने कैसे निकाला समाधान?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिहार सरकार ने विशेष नीति बनाकर ऐसे कर्मचारियों को EBC के शैडो पदों पर समायोजित करने का निर्णय लिया। इसी नीति के तहत 26 डॉक्टरों से शपथ-पत्र लिया गया। उन्हें SC से EBC श्रेणी में स्थानांतरित किया गया। SC कोटे में खाली हुई 26 सीटों पर अब BTSC की वेटिंग लिस्ट से वास्तविक अनुसूचित जाति अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी।

किन पदों पर होगा समायोजन?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, होमियोपैथिक चिकित्सा पदाधिकारी के 25 पद

आयुष फिजिशियन (होमियोपैथ) का 1 पद

कुल 26 पद EBC श्रेणी में शैडो पद के रूप में सृजित किए गए हैं।

अभ्यर्थियों के लिए इसका क्या मतलब?

इस फैसले का सीधा असर BTSC की प्रतीक्षा सूची में शामिल अनुसूचित जाति अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। यदि विभाग प्रक्रिया पूरी करता है तो SC श्रेणी की खाली हुई 26 सीटों पर प्रतीक्षा सूची से नियुक्ति की संभावना बढ़ जाएगी।




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