Jagran Prabhat : बिहार में गया जिले के डोभी थाना क्षेत्र के अक्षमा गांव की कानून की छात्रा दिव्या कुमारी पासवान के अपहरण और हत्या मामले में गया पुलिस ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मामले की जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद गया के एसएसपी सुशील कुमार ने शेरघाटी थानाध्यक्ष मोहन कुमार और चौकीदार देवेंद्र कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसएसपी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शेरघाटी डीएसपी संदीप कुमार की जांच रिपोर्ट में दोनों पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
एससी-एसटी एक्ट नहीं लगाने से आरोपी को मिला फायदा
जांच में सामने आया कि 26 जून को दिव्या की मां उर्मिला देवी के आवेदन पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में पीड़िता के अनुसूचित जाति से होने की जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की प्रासंगिक धाराएं नहीं जोड़ीं।
बताया गया कि इसी चूक का लाभ मुख्य आरोपी राहुल यादव को मिला और उसे अदालत से जमानत प्राप्त हो गई। जांच रिपोर्ट में इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया है।
चौकीदार पर मिलीभगत और दुर्व्यवहार के आरोप
डीएसपी जांच में चौकीदार देवेंद्र कश्यप पर भी गंभीर आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, उसने पीड़ित परिवार के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया, शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की और मुख्य आरोपी से कथित मिलीभगत भी सामने आई।
क्या है पूरा मामला?
दिव्या कुमारी पासवान का 24 जून को कथित रूप से अपहरण हुआ था। इसके दो दिन बाद 26 जून को झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र स्थित एक तालाब से उसका शव बरामद हुआ।
परिजनों ने शुरू से ही आरोप लगाया कि शेरघाटी थाना क्षेत्र के कुबड़ी गांव निवासी राहुल यादव, जिसका थाना के सामने होटल है, को पुलिस की कथित शह मिली हुई थी। उनका कहना था कि समय पर प्रभावी कार्रवाई होती तो घटना को रोका जा सकता था।
केंद्रीय मंत्री की मुलाकात के बाद बढ़ा दबाव
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इसके बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा और सोमवार को मुख्य आरोपी राहुल यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।
अब एसएसपी ने निलंबित थानाध्यक्ष और चौकीदार से विभागीय कार्रवाई के तहत स्पष्टीकरण भी मांगा है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख बिंदु
दिव्या हत्याकांड में शेरघाटी थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित।
डीएसपी जांच में गंभीर लापरवाही की पुष्टि।
पीड़िता के अनुसूचित जाति से होने के बावजूद एससी-एसटी एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं।
मुख्य आरोपी राहुल यादव को पहले जमानत मिलने पर उठे सवाल।
पीड़ित परिवार से कथित दुर्व्यवहार और मिलीभगत के आरोप भी सही पाए गए।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की मुलाकात के बाद कार्रवाई तेज हुई।

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