google-site-verification: googlec54213cf79dac358.html google-site-verification: googlec54213cf79dac358.html google-site-verification: googlec54213cf79dac358.html Rahul Gandhi Protest: 6 घंटे धरने के बाद साहिल लोचब मामले में FIR, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

Rahul Gandhi Protest: 6 घंटे धरने के बाद साहिल लोचब मामले में FIR, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

 


जागरण प्रभात। नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कई घंटे चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल हुए साहिल लोचब की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली। 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान लोचब को कथित तौर पर पैलेट से चोट लगने का आरोप है। FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने अपना धरना समाप्त कर दिया।

राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल लोचब और उनके परिवार के साथ पहले मंदिर मार्ग थाने पहुंचे थे। वहां FIR दर्ज नहीं होने के बाद वे संसद मार्ग थाने पहुंचे और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। मांग पूरी नहीं होने पर राहुल गांधी डीसीपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए।

छह घंटे से ज्यादा चला धरना, फिर दर्ज हुई FIR

राहुल गांधी के धरने के दौरान कांग्रेस की ओर से लगातार यह मांग की जाती रही कि साहिल लोचब की शिकायत पर मामला दर्ज किया जाए। कई घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की, जिसके बाद धरना खत्म हुआ। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि दिल्ली जैसे राजधानी क्षेत्र में एक शिकायत पर FIR दर्ज कराने में इतना समय लग रहा है तो देश के दूरदराज इलाकों में आम लोगों की स्थिति क्या होगी।

राहुल गांधी का आरोप- 'ऊपर से लगा था ब्रेक'

FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी कार्रवाई करना चाहते थे, लेकिन मामले में कथित तौर पर ऊपर से रोक थी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गृह सचिव गोविंद मोहन के स्तर से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद FIR दर्ज किए जाने का दावा किया।

कांग्रेस ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस को FIR दर्ज नहीं करने का निर्देश दिया गया था। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक जवाब अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आया है।

साहिल ने राहुल गांधी को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया 

FIR दर्ज होने के बाद साहिल लोचब ने राहुल गांधी के समर्थन के लिए आभार जताया। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने पहले उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। जब उन्हें बताया गया कि शिकायत पर FIR दर्ज नहीं हो रही है, तब राहुल गांधी ने उनसे मिलने और पुलिस के पास जाकर मामला उठाने की बात कही।

साहिल के परिवार का आरोप है कि 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में उन्हें पैलेट से चोट लगी। उनकी दाईं आंख में गंभीर चोट की बात भी सामने आई है। राहुल गांधी इससे पहले भी साहिल को मीडिया के सामने लाकर इस मामले को सार्वजनिक रूप से उठा चुके हैं।

14 अगस्त को दी थी लिखित शिकायत

कांग्रेस के अनुसार, साहिल लोचब अपने वकीलों के साथ 14 अगस्त को दिल्ली पुलिस के पास पहुंचे और लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के माध्यम से मामले की स्थिति जानने का प्रयास किया गया। कांग्रेस का दावा है कि शिकायत की पावती और जांच अधिकारी की संपर्क जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। यही वजह रही कि राहुल गांधी ने खुद साहिल के साथ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और FIR दर्ज करने की मांग की।

20 जुलाई के प्रदर्शन पर पहले से उठ रहे हैं सवाल

साहिल लोचब का मामला 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में पैलेट के इस्तेमाल के आरोप सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया था।दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था, लेकिन बाद में इस संबंध में जांच की बात सामने आई। CRPF ने भी RAF की कार्रवाई को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। एक बाद की रिपोर्ट में पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट के इस्तेमाल का उल्लेख आधिकारिक रिकॉर्ड में हुआ था। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी और परिस्थितियों को लेकर जांच महत्वपूर्ण है।

भाजपा ने राहुल गांधी पर लगाया राजनीति करने का आरोप

भाजपा ने राहुल गांधी के पुलिस स्टेशन के बाहर धरने को लेकर उन पर निशाना साधा। भाजपा ने इसे 'ओछी और अराजक राजनीति' बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए दूसरे राजनीतिक विवादों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। इस तरह साहिल लोचब मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब असली सवाल जांच पर है। FIR दर्ज होना कानूनी प्रक्रिया का शुरुआती चरण है। जांच में यह स्पष्ट करना होगा कि 20 जुलाई की घटना में वास्तव में क्या हुआ, चोट कैसे लगी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

आगे क्या होगा?

FIR दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस के सामने अब घटना की जांच, उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान जुटाने की जिम्मेदारी होगी। दूसरी ओर, कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक और संसद के स्तर पर उठाने की तैयारी में है।

Post a Comment

0 Comments