तेजस्वी यादव ने रविवार को जारी अपने वक्तव्य में लोकतांत्रिक अधिकारों, शांतिपूर्ण विरोध और देश की संवैधानिक व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपी जयंती से एक दिन पहले अपने अधिकारों की आवाज उठाने दिल्ली जा रहे लोगों को सरकारी मशीनरी और पुलिस बल के जरिए रोका गया।
JP Jayanti पर तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राजद नेता ने अपने बयान में कहा कि लोकतांत्रिक, संवैधानिक और शांतिपूर्ण आंदोलन को कथित रूप से लाठी, गोली और गाली के सहारे कुचलने की कोशिश की गई। उन्होंने इस घटनाक्रम को देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र में असहमति और विरोध की आवाज को दबाने के बजाय उस पर संवाद होना चाहिए। हालांकि, सरकार की कार्यशैली और देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति को लेकर ये तेजस्वी यादव के आरोप और राजनीतिक विचार हैं।
'न गोली से डरते हैं, न गाली से', तेजस्वी का ऐलान
अपने वक्तव्य में तेजस्वी यादव ने संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि न तो वे गोली से डरते हैं और न ही गाली से। उनका दावा है कि सरकारी मशीनरी और राजनीतिक प्रपंच भी उनके संघर्ष को रोक नहीं सकते। जेपी जयंती के अवसर पर उन्होंने सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया। उनके बयान से स्पष्ट है कि राजद नेतृत्व लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना राजनीतिक अभियान आगे बढ़ाना चाहता है।
रामधारी सिंह दिनकर की कविता का किया उल्लेख
तेजस्वी यादव ने अपने वक्तव्य में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की उन पंक्तियों का भी उल्लेख किया, जो लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सम्मान में लिखी गई थीं। उन्होंने कहा कि दिनकर की कविता की भावना अब सड़कों पर दिखाई देगी। इस संदर्भ में उन्होंने कहा: “लौटे तुम रूपक बन स्वदेश की, आग भरी कुर्बानी का, अब 'जयप्रकाश' है नाम देश की, आतुर, हठी जवानी का।” तेजस्वी यादव ने इन पंक्तियों के माध्यम से युवाओं के संघर्ष, त्याग और लोकतांत्रिक चेतना का उल्लेख किया। जेपी आंदोलन भारतीय राजनीति के इतिहास में जनभागीदारी और सत्ता के खिलाफ जनआंदोलन के महत्वपूर्ण अध्यायों में गिना जाता है।
'वोट चोरी' के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा
राजद नेता ने अपने बयान में कथित 'वोट चोरी' का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की राजनीति में लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि देश का बच्चा-बच्चा जयप्रकाश नारायण की विचारधारा से प्रेरित होकर सरकार की कथित असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक राजनीति के खिलाफ आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि इस राजनीतिक लड़ाई का उद्देश्य उन व्यवस्थाओं को चुनौती देना है, जिन पर विपक्ष सवाल उठा रहा है।
गौरतलब है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने हाल के दिनों में सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इन आरोपों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
जेपी जयंती पर तेजस्वी ने दोहराया संघर्ष का संकल्प
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर तेजस्वी यादव का बयान केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोकतंत्र, संविधान, शांतिपूर्ण आंदोलन और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए अपना विरोध जारी रखने की बात कही। अपने वक्तव्य के अंत में तेजस्वी यादव ने 'जय हिंद' का उद्घोष किया और सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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