Jagran Prabhat : बिहार के नालंदा में शनिवार एक ही परिवार के चार लोगों ने अलग-अलग आत्महत्या का प्रयास किया। हादसे में पिता के साथ उनके बेटे और बहू की मौत हो गयी। छोटे बेटे का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, दिलचंद्र तांती (62), उनके बड़े बेटे रंजीत कुमार (40 ) और बहू गौरी देवी (30 ) के रूप में हुई है। छोटे बेटे पुरुषोत्तम का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया कि रंजीत और उसकी पत्नी गौरी ने जहर खा लिया। दिलचंद्र और पुरुषोत्तम ने फांसी लगा ली। घटना का कारण परिवार वाले नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस अवैध संबंध को घटना का कारण बता रही है। ग्रामीया बता रहे हैं परिवार काफी गरीब था। आर्थिक तंगी या कर्ज भी घटना का कारण हो सकता है।
पारिवारिक कलह में पुरुषोत्तम ने पहले फांसी लगाई
ग्रामीणों के अनुसार, पारिवारिक कलह के कारण 11 बजे छोटे भाई पुरुषोत्तम ने घर में ही फांसी लगा ली। परिवार के लोगों ने देख लिया और उसे बचा लिया। उसे इलाज के लिए निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। इसी बीच रंजीत और उसकी पत्नी गौरी ने गेहूं में डालने वाली जहरीली दवा खा ली। दोनों की हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। यहां गौरी की मौत हो गयी। इसी दौरान दिलचंद्र ने भी घर में फांसी लगा ली। परिवार और गांव के लोग अस्पताल में थे। इस वजह से उन्हें पता नहीं चल पाया। जब लोग घर पहुंचे तो शव पर नजर पड़ी। इलाज के दौरान देर शाम में रंजीत की भी मौत हो गई।
माधोपुर बाजार से खरीदी थी कीट मारने की दवा
रंजीत के चार साल के पुत्र प्रिंस ने बताया कि वह माता-पिता के साथ माधोपुर बाजार गया था। वहां से गेहूं में कीट मारने की दवा खरीदी थी। उसे भी मां-बाप ने दवा दी थी। उसने दवा नहीं खाई और उसे फेंक दी। रंजीत व गौरी के तीन छोटे-छोटे बेटे हैं। रंजीत ठेले पर मोमोज बेचकर परिवार का भरण-पोषण करता था।
घटनास्थल का पूछताछ के बाद पता चला है कि अवैध संबंध के कारण घटना हुई है। इस वजह से पिता और पुत्र में विवाद हुआ था। मामले की जांच की जा रही है।

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